कानपुर: सत्ती चौरा पर 169वां शौर्य दिवस, 1857 के शहीदों को नमन
कानपुर में शनिवार को सत्ती चौरा शहीद स्मारक एवं जन कल्याण समिति द्वारा 1857 की क्रांति का 169वां शौर्य दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के वीर क्रांतिकारियों हरदेव मल्लाह, लोचन निषाद, बुधई मल्लाह और समाधान निषाद जैसे महान योद्धाओं को श्रद्धांजलि और पुष्पांजलि अर्पित की गई।
यह शौर्य दिवस उस ऐतिहासिक घटना की याद दिलाता है जब 325 अंग्रेजों को 40 नावों में बैठाकर सत्ती चौरा घाट से इलाहाबाद ले जाया जा रहा था। दुर्भाग्यवश, 285 लोगों की नाव पलट जाने से उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के प्रतिशोध में, अंग्रेजों ने हरदेव मल्लाह, लोचन निषाद, बुधई मल्लाह, समाधान निषाद और सत्ती चौरा गांव के 167 अन्य लोगों को एक पीपल के पेड़ पर लटकाकर फांसी दे दी थी। इतना ही नहीं, पूरा सत्ती चौरा गांव जला दिया गया था।
समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद निषाद ने बताया कि इन शहीदों का कोई भी वास्तविक या काल्पनिक चित्र उपलब्ध नहीं है। इस अवसर पर एक पत्रिका का भी विमोचन किया गया। समिति ने मांग की है कि शहीद क्रांतिकारियों के नाम को यहां स्थायी रूप से अंकित किया जाए। कार्यक्रम में पंकज कुमार निषाद (एडवोकेट), डॉ. राजेश वर्मा (एमडी), डॉ. संजय निषाद, डॉ. प्रेरणा कुमारी, आदित्य कुमार दीक्षित, कन्हैया लाल गुप्ता, आशुतोष अवस्थी और श्याम जी गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस घटना का स्मरण आज भी स्थानीय लोगों में देशभक्ति की भावना को जागृत करता है।
कानपुर के युवक ने घरेलू विवाद के बाद शीशम के पेड़ पर फांसी लगाकर दी जान, kanpur news
प्रथम एसकेएमके अंडर-12 क्रिकेट प्रतियोगिता: चैलेंजर्स एकादश की जीत, क्रिकेट का रोमांच
कानपुर में हुसैन की शहादत पर छलके आंसू, कर्बला की दर्दनाक दास्तान
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष कानपुर में, महिला अपराध पर करेंगी समीक्षा
कानपुर: बेटे-बहू ने पिता को पीटा, नग्न अवस्था में हाईवे पर घसीटा; BSF जवान पर FIR की तैयारी
