लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रदेश भर में प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। मंगलवार से शुरू हुई जांच में कई संस्थानों की लापरवाही सामने आने के बाद गुरुवार को लखनऊ...
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रदेश भर में प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। मंगलवार से शुरू हुई जांच में कई संस्थानों की लापरवाही सामने आने के बाद गुरुवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने मानकों के विपरीत संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। इस दौरान 55 कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरियों, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। साथ ही 78 भवन मालिकों और प्रबंधकों के खिलाफ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। अलीगंज अग्निकांड के बाद, उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों को शहर भर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच के आदेश दिए थे। बुधवार को भी इसी अभियान के तहत 71 प्रतिष्ठानों को सील किया गया था और 83 भवन मालिकों को नोटिस थमाया गया था। गुरुवार को भी यह अभियान जारी रहा, जिसमें विभिन्न जोनों में कार्रवाई करते हुए कई संस्थानों को ताला लगा दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन विभाग और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने भी इस अभियान में सहयोग किया। ठाकुरगंज, बालागंज, दुबग्गा, गोमती नगर जैसे इलाकों में लक्ष्य एकेडमी, अमेरिकन इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, देवयोग लाइब्रेरी, रेवांता हॉस्पिटल, आरोही कॉम्पलेक्स, टाइम्स इंस्टीट्यूट जैसे कई संस्थानों को सील किया गया।
लखनऊ के अलावा, पूर्वांचल के दस जिलों में भी ऐसी ही कार्रवाई जारी है। चंदौली, मऊ और सोनभद्र में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास और भवन मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर 12 संस्थानों को सील किया गया है। सोनभद्र में दो, मऊ में चार और चंदौली में छह संस्थानों पर कार्रवाई हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।