लखनऊ कोचिंग संस्थानों में वेंटिलेशन और फायर NOC का अभाव, सुरक्षा पर गंभीर सवाल
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक एनिमेशन सेंटर में सोमवार को लगी भीषण आग ने शहर के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। आग लगने के बाद छात्रों को जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा, और राहत-बचाव कार्य घंटों तक चला। यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि हजारों छात्रों के भविष्य को आकार देने वाले ये संस्थान अग्नि सुरक्षा मानकों का कितना पालन कर रहे हैं।
राजधानी में कोचिंग का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, खासकर अलीगंज, कपूरथला, इंदिरानगर जैसे इलाकों में। इनमें से कई संस्थान बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में संचालित होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संकरी सीढ़ियां, एकल निकास मार्ग, बेसमेंट का उपयोग और अग्निशमन उपकरणों का नियमित रखरखाव न होना किसी भी छोटी घटना को बड़े हादसे में बदल सकता है।
फायर विभाग के पिछले निरीक्षणों में भी इन संस्थानों में खामियां पाई गई हैं। फरवरी 2025 में चलाए गए एक विशेष अभियान में शहर के 17 कोचिंग संस्थानों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं मिले थे। इनमें से कई बिना उचित वेंटिलेशन के चल रहे थे, जबकि कुछ बेसमेंट में संचालित हो रहे थे। फायर विभाग ने इन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण की सिफारिश भी की थी।
इसके बावजूद, समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं होता। हादसा होने पर कुछ दिनों के लिए अभियान चलाया जाता है और फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। इसी लापरवाही के कारण बार-बार एक जैसी घटनाएं होती रहती हैं।
एक साल पहले, तत्कालीन सीएफओ मंगेश कुमार ने शहर में बिना अग्निशमन एनओसी और सुरक्षा के चल रहे 17 कोचिंग सेंटरों के खिलाफ नोटिस जारी किया था। इनमें एलेन कोचिंग सेंटर, भवन कोटा स्टडी फोरम, टाइम्स कोचिंग सेंटर जैसे नामचीन संस्थान शामिल थे। लेकिन, समय के साथ यह मामला भी फाइलों में दब गया। दमकल विभाग द्वारा नोटिस जारी करना केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है।
यह कोई नई बात नहीं है। 1 सितंबर 2022 को हजरतगंज के एक कोचिंग सेंटर में कक्षाएं चलने के दौरान आग लगी थी। इसके अगले ही दिन शहनजफ रोड स्थित सात मंजिला इमारत में आग लगने की घटना हुई। नवंबर 2022 में प्रिंस कॉम्प्लेक्स और जून 2023 में बादशाहनगर मेट्रो स्टेशन के पास एक इमारत में आग लगी। जून 2023 में ही न्यू जनपथ कॉम्प्लेक्स में एक कोचिंग के 12 छात्र लिफ्ट में फंस गए थे। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
