UP traffic rules: बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, अब खुद खत्म नहीं होगा चालान का केस
उत्तर प्रदेश में अब यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए राहत पाना आसान नहीं होगा। राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण अध्यादेश को मंजूरी दी है, जिसके तहत मोटर वाहन अधिनियम के तहत बार-बार अपराध करने वालों के चालान अब एक निश्चित समय के बाद स्वतः समाप्त नहीं होंगे। यह कदम उन लोगों पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है जो लगातार नियमों का उल्लंघन करते हैं और जुर्माने का भुगतान करने से बचते हैं।
पहले क्या होता था?
वर्तमान व्यवस्था के तहत, मोटर वाहन अधिनियम के तहत किए गए अपराधों के लिए यदि जुर्माना जमा नहीं किया जाता था, तो एक निश्चित समय सीमा बीतने के बाद कार्रवाई खुद-ब-खुद समाप्त हो जाती थी। यह व्यवस्था 1979 में शुरू की गई थी, जिसके तहत लोक अदालतों में ऐसे मामलों को समाप्त कर दिया जाता था। इस कारण बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले लोग भी जुर्माने से बच जाते थे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ बदलाव
राज्य सरकार ने यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक रिट याचिका पर 20 नवंबर 2025 को जारी आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए किया है। कैबिनेट ने ‘उप्र दंड विधि (अपराधों का शमन और निवारणों का उपशमन) (संशोधन) अध्यादेश-2026’ के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस संशोधन के तहत अब कुछ श्रेणी के अपराध पहले की तरह उपशमित (एबेट) नहीं होंगे। इनमें गैर-शमनीय अपराध, अनिवार्य कारावास से दंडित अपराध और किसी अपराध की पुनरावृत्ति वाले अपराध शामिल हैं। इस बदलाव से UP traffic rules का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तेज हो सकेगी।
