लखनऊ में अब तीन संस्थानों में होंगे पोस्टमार्टम, KGMU पर घटेगा दबाव | Lucknow postmortem news
लखनऊ प्रशासन ने राजधानी में पोस्टमार्टम व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब तक पोस्टमार्टम की पूरी जिम्मेदारी किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पर थी, जहां प्रतिदिन 25 से अधिक शवों का पोस्टमार्टम होता था। इस भारी दबाव को कम करने और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन ने नई योजना बनाई है।
नई व्यवस्था के तहत, लखनऊ को थानों के आधार पर तीन अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। प्रत्येक जोन के लिए एक विशिष्ट संस्थान को पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी दी जाएगी। KGMU के अलावा, अब डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (PGI) में भी पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, लोहिया संस्थान में अप्रैल के अंत तक यह सुविधा शुरू होने की संभावना है, जबकि पीजीआई में व्यवस्था शुरू होने में थोड़ा समय लग सकता है। सभी पोस्टमार्टम फॉरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी में किए जाएंगे। इस विकेंद्रीकरण से न केवल कार्य का दबाव कम होगा, बल्कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
