यूपी के किसानों को बड़ी राहत: योगी सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाया, ₹2585 प्रति क्विंटल तय
योगी कैबिनेट ने प्रदेश के किसानों के लिए गेहूं के समर्थन मूल्य में वृद्धि का अहम फैसला लिया है। सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। यह खरीददारी मार्च से 15 जून तक चलेगी।
किसानों को राहत देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं की खरीद के लिए एक सुदृढ़ व्यवस्था बनाई है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ 8 विभिन्न एजेंसियां खरीद प्रक्रिया को संपन्न करेंगी। इन एजेंसियों में भारतीय खाद्य निगम (FCI), यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों के अलावा ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 37 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 2 को स्थगित कर दिया गया।
ऊर्जा क्षेत्र में, सरकार ने दुमका (झारखंड) में 2242.90 करोड़ रुपये में एक कोल ब्लॉक खरीदा है। इससे घाटमपुर स्थित 660 मेगावाट की तीन इकाइयों को कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे बिजली उत्पादन लागत कम होगी और उपभोक्ताओं को लगभग 80 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती बिजली मिलने की उम्मीद है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को भी मंजूरी दी गई है। अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, और सभी नगर निगमों को भी सोलर सिटी बनाने की योजना है। गोरखपुर के चिलुआ ताल में कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा एक सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने 80 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है।
निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए, निजी बिजनेस पार्क निर्माण योजना को मंजूरी दी गई है। साथ ही, संभल में एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसे निवेशकों को सौंपा जाएगा। सरकार का मानना है कि इन सभी फैसलों से उत्तर प्रदेश में कृषि, ऊर्जा और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
