रेलकर्मी ने भाई-चाचा पर लगाया 15 लाख रुपये के फ्रॉड का आरोप, UP crime news में FIR दर्ज
लखनऊ में एक रेलकर्मी ने अपने ही परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने अपने भाई और चाचा समेत अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी और मारपीट का मामला दर्ज कराया है। पीड़ित का आरोप है कि नशे की लत के कारण उसकी मानसिक स्थिति खराब होने का फायदा उठाकर रिश्तेदारों ने उसे बंधक बनाया और जबरन पैसे ट्रांसफर करा लिए। यह घटना उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर से शुरू होकर लखनऊ और छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है।
संतकबीर नगर के मूल निवासी सुजीत कुमार छत्तीसगढ़ के कोरबा में रेलवे में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि नशे की लत के कारण उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। 15 सितंबर 2025 को उनके बड़े भाई मंजीत कुमार यादव और चाचा शैलेंद्र यादव व गोविंद यादव उन्हें इलाज के बहाने लखनऊ ले आए। पीड़ित के अनुसार, लखनऊ आते समय रास्ते में आरोपियों ने उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और कार की डिग्गी में बंद कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसके भाई मंजीत ने उसके मोबाइल का इस्तेमाल करके स्वर्गीय मां के खाते में जमा 15 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। लखनऊ पहुंचने पर उसे इंदिरानगर के एक नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया, जिसके बाद गोरखपुर में भी कुछ दिन इलाज चला। अंत में, आरोपी उसे विलासपुर स्थित राज्य मानसिक चिकित्सालय में छोड़कर भाग गए।
पीड़ित सुजीत कुमार ने लखनऊ के गाजीपुर थाने में अपने भाई और चाचा समेत अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ तहरीर दी। गाजीपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
