कानपुर में ‘Digital addiction’ पर डीएम की चेतावनी, बोले- युवा बर्बाद कर रहे भविष्य
कानपुर में डिजिटल एडिक्शन (digital addiction) की बढ़ती समस्या पर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में सबसे अधिक युवा डिजिटल एल्कोहॉलिज्म से पीड़ित हैं। यह लत न सिर्फ युवाओं को बीमार कर रही है, बल्कि होनहार छात्रों का भविष्य भी बर्बाद कर रही है। प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। यह घोषणा पीपीएन कॉलेज में डिजिटल एल्कोहॉलिज्म पर आयोजित एक कार्यशाला के दौरान की गई।
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि प्रो. आरके द्विवेदी ने कहा कि डिजिटल गैजेट्स की लत एक नशे की तरह है, जो विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर रही है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. राजेश प्रकाश ने कहा कि वर्तमान युग डिजिटल है, लेकिन इसके सही इस्तेमाल के लिए नियम बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता और परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।
इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक करना था। विशेषज्ञों ने बताया कि यह लत मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शैक्षणिक प्रदर्शन को भी प्रभावित कर रही है। प्रशासन और विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास से अब इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
