ईरान-अमेरिका तनाव का असर: भारत में महंगा हुआ इलाज, बढ़ेगा healthcare cost
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जिंदगी पर दिखने लगा है। रोजमर्रा की महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए अब इलाज कराना भी और महंगा होता जा रहा है। ग्लव्स, सिरिंज, कैन्युला कैन्युला और ड्रिप सेट, ग्लिसरीन समेत कई सर्जिकल सामान की कीमतों में बढ़ोतरी ने इलाज का खर्च बढ़ा दिया है, जिसका सीधा बोझ मरीजों की जेब पर पड़ रहा है।
थोक दवा एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र सोनी के अनुसार, विदेशी कंपनियों ने ग्लव्स सिरिंज समेत कई सर्जिकल उत्पादों पर 4 से 5 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाने का संदेश भेजा है। वहीं, भारतीय कंपनियों ने भी कच्चे माल की लागत और आयात खर्च बढ़ने का हवाला देते हुए 7 से 10 प्रतिशत तक दाम बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इससे थोक और फुटकर बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
सर्जिकल सामान व्यापारी सचिन जैन बताते हैं कि कंपनियों से लगातार रेट बढ़ने के मैसेज मिल रहे हैं। हमें भी ऊंचे दाम पर माल खरीदना पड़ रहा है, इसलिए मजबूरी में कीमत बढ़ानी पड़ रही है। दाम बढ़़ने से हर बार ग्राहक नाराज होते हैं, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा का कहना है कि सर्जिकल आइटम महंगे होने से इलाज का खर्च बढ़ेगा। सबसे ज्यादा असर मध्यम और गरीब वर्ग पर पड़ेगा। सरकार को इस संबंध में ठोस रणनीति बनानी चाहिए ताकि आम जनता पर healthcare cost का अतिरिक्त बोझ न पड़े।
