खाड़ी संकट से UP Export पर गहरा असर, यूरोप-अफ्रीकी बाजारों पर टिकी उम्मीदें
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने उत्तर प्रदेश के निर्यात कारोबार की कमर तोड़ दी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र की समुद्री और हवाई व्यापारिक आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर प्रदेश के उद्योगों पर पड़ रहा है। दुबई, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से होने वाला निर्यात लगभग ठप हो गया है। कानपुर, नोएडा, आगरा और मुरादाबाद जैसे औद्योगिक शहरों से चमड़ा, सैडलरी, रेडीमेड गारमेंट, इंजीनियरिंग और हस्तशिल्प का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों के रास्ते दुनिया भर में भेजा जाता रहा है।
मौजूदा संकट के कारण इन मार्गों पर माल की आवाजाही बाधित हो गई है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों के मुताबिक, दुबई, कतर और यूएई के साथ होने वाला व्यापार लगभग ठहर सा गया है, जिससे सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा है। इजराइल के साथ-साथ जॉर्डन और लेबनान जैसे देशों को भेजे जाने वाले माल की आपूर्ति भी बाधित हो चुकी है। कई शिपिंग कंपनियों ने जोखिम का हवाला देते हुए समुद्री मार्गों पर अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है, जिससे माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है और पुराने अनुबंध भी निरस्त हो रहे हैं।
यूरोप और अफ्रीकी देशों पर निर्भरता बढ़ी
खाड़ी देशों के अलावा इजराइल व उसके आसपास के देशों से कारोबारी गतिविधियां ठप हैं। ऐसे में निर्यातक जरा सा भी जोखिम लेने की स्थिति में नहीं हैं। अब यूरोप, अफ्रीकी और आसियान देशों पर ही पूरा UP Export टिका है। प्रदेश के कुल निर्यात का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा यूरोप और अफ्रीकी देशों के बाजारों पर है। इन क्षेत्रों में मांग बनी रहने से कुछ हद तक राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
अमेरिका से व्यापार में पहले ही गिरावट
मौजूदा स्थिति काफी कठिन है। अमेरिका के साथ व्यापार पर पहले से ही दबाव बना हुआ है। 150 दिन के लिए मान्य 15 प्रतिशत टैरिफ ने प्रदेश के निर्यात को झटका दिया है। इसके कारण कई अमेरिकी ऑर्डर घटे हैं और निर्यातकों को नए बाजार तलाशने पड़ रहे हैं। लंबी अवधि वाले सौदों से निर्यातक कन्नी काट रहे हैं। ऐसे में अमेरिका से कारोबार न के बराबर है। वैश्विक तनाव और शिपिंग संकट की वजह से लगभग 35 प्रतिशत कारोबार पहले ही प्रभावित हो चुका है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो उद्योगों में उत्पादन घटने के साथ रोजगार पर भी दबाव बढ़ेगा।
