लखनऊ के लोहिया अस्पताल में हंगामा, मरीज के तीमारदार से मारपीट का आरोप, Lucknow news
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी में शनिवार रात उस समय अफरातफरी मच गई जब एक महिला अधिवक्ता ने मेडिकल स्टाफ पर मारपीट का आरोप लगाया। महिला ने दावा किया कि उनकी बहन को गलत इंजेक्शन लगाने का विरोध करने पर स्टाफ ने उनके साथ हाथापाई की और कपड़े फाड़ दिए। घटना की जानकारी मिलते ही अन्य अधिवक्ता भी मौके पर पहुंच गए और अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
विभूतिखंड पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, इंदिरानगर निवासी महिला अधिवक्ता अपनी बहन को डिहाइड्रेशन की समस्या के चलते लोहिया संस्थान लेकर आई थीं। उन्होंने बताया कि वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी ने उनकी बहन को इंजेक्शन लगाने की कोशिश की, लेकिन कई बार नस न मिलने पर सुई निकाल ली गई, जिससे बहन का हाथ जख्मी हो गया। जब बहन ने इस पर आपत्ति जताई, तो स्वास्थ्यकर्मी ने कूल्हे में इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसे तेज दर्द होने लगा।
अधिवक्ता का आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाने का विरोध करने पर स्टाफ के साथ बहस शुरू हो गई। इसी दौरान एक महिला डॉक्टर ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। शोर सुनकर सुरक्षाकर्मी पिंकी और अन्य कर्मचारी भी मौके पर आ गए और उनके साथ हाथापाई की गई। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई और कपड़े भी फाड़ दिए गए।
दूसरी ओर, लोहिया संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने महिला अधिवक्ता के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में स्टाफ ने कोई मारपीट नहीं की। बल्कि मरीज की तीमारदार ने ही ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युवतियों ने अपने परिचितों को बुलाकर अस्पताल में हंगामा कराया।
विभूतिखंड पुलिस ने महिला अधिवक्ता की तहरीर पर सुरक्षाकर्मी पिंकी समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, संस्थान के सुरक्षा प्रभारी की ओर से भी पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
