UP Voter List: 84 लाख आवेदन, 3 लाख नाम कटवाने की मांग; 10 अप्रैल को आएगी अंतिम सूची
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत बड़े पैमाने पर बदलाव हुए हैं। चुनाव विभाग के अनुसार, 84 लाख से अधिक लोगों ने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया, जबकि 3 लाख से ज्यादा लोगों ने नाम हटवाने की मांग की। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है। अब सुनवाई का चरण शुरू होगा, जिसके बाद 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, 6 जनवरी को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद से 6 मार्च तक 70,69,810 लोगों ने फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। वहीं 2,68,682 लोगों ने फॉर्म-7 भरकर मतदाता सूची से अपना नाम हटाने का आवेदन किया। ड्राफ्ट सूची जारी होने से पहले भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें 16,18,574 लोगों ने नाम जुड़वाने और 49,399 लोगों ने नाम हटाने के लिए आवेदन दिया था। इस प्रकार कुल 86 लाख से अधिक लोगों ने नाम जोड़ने और 3 लाख से अधिक लोगों ने नाम हटाने के लिए आवेदन किया है।
विसंगतियों की जांच जारी
चुनाव आयोग ने 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया है, जिनकी सुनवाई 27 मार्च तक की जाएगी। आयोग ने प्रदेश में 1.04 करोड़ ऐसे मतदाताओं की पहचान की है जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है। इसके अलावा करीब 2.22 करोड़ मतदाताओं के नामों में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
राजनीतिक दलों की भूमिका इस प्रक्रिया में सीमित रही है। 84 लाख से अधिक फॉर्म-6 में से केवल 40,643 फॉर्म ही राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से भरवाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 26,253 फॉर्म भाजपा के बीएलए ने भरवाए हैं।
