ब्राह्मण सम्मेलन में UGC का मुद्दा छाया, डिप्टी सीएम बोले- बेचैनी समझ रहे हैं | UGC issue
राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को ब्राह्मण नेताओं का एक बड़ा जुटान हुआ। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित इस प्रबुद्ध सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाज के लोगों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ कहीं भी गलत नहीं होगा और सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार ब्राह्मण समाज की चिंताओं को समझ रही है और उनके मन की बेचैनी को महसूस कर रही है।
इस सम्मेलन में यूजीसी (UGC) के नियमों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मंच पर नेताओं के भाषणों के बीच यूजीसी नियम विरोधी नारेबाजी भी हुई। पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि ब्राह्मण जाति नहीं, बल्कि एक संस्कृति है। उन्होंने यूजीसी मामले में हुई चूक को स्वीकार करते हुए कहा कि इसके नियम संविधान के विरुद्ध हैं और उन्होंने तत्काल अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलने की बात भी कही। राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने यूजीसी मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, क्योंकि यह मामला अदालत में है।
सम्मेलन में कांग्रेस नेतृत्व भी शामिल हुआ। यूपी प्रभारी अविनाश पांडे ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ एकजुटता दिखाई और उन पर लगे आरोपों को शर्मनाक बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर ब्राह्मणों और शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगाते हुए यूजीसी नियम लाने पर सवाल उठाया।
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार को ‘गैर सनातनी’ बताया और एससी-एसटी एक्ट को खत्म करने की मांग उठाई, जिसका सम्मेलन में मौजूद लोगों ने समर्थन किया। इस दौरान माहौल काफी गर्म हो गया था।
