प्रयागराज में 60 हजार करोड़ खर्च, फिर भी बदहाली पर अखिलेश यादव का वार | UP Politics News
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले एक दशक में प्रयागराज के विकास के लिए 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई, लेकिन इसके बावजूद शहर की तस्वीर नहीं बदली है। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगा का जल आज भी दूषित है, यमुना में सीधे नाले गिर रहे हैं, और सड़कों पर जाम की समस्या बनी हुई है। स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव है।
प्रयागराज में एक रोजा इफ्तार पार्टी में शामिल होने आए अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह राशि लूट और बेईमानी की भेंट चढ़ गई, जिससे प्रयागराज का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर नहीं हो सका। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में सपा और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सपा हर जिले के लिए अलग घोषणापत्र तैयार करेगी।
प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद किए जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि प्रयागराज, इलाहाबाद, संगम और त्रिवेणी सब इतिहास हैं, जिन्हें बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इलाहाबादी अमरूद आज भी इलाहाबादी अमरूद है, प्रयागराज अमरूद नहीं बन सका है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जमानत मिलने पर उन्होंने न्यायपालिका की सराहना की, लेकिन भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपने विरोधियों को झूठे मुकदमों में फंसाती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि एक मुख्यमंत्री जापान जा रहे हैं और उप-मुख्यमंत्री जर्मनी, जिससे लगता है कि इंजन टकरा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को जब समाजवादी विचारधारा की जरूरत थी तो जय प्रकाश नारायण की तस्वीर का सहारा लिया, लेकिन आज उनके सहयोगियों की संपत्तियों की जांच हो रही है।
अखिलेश यादव ने भाजपा की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार केवल चंद अरबपतियों और कॉर्पोरेट घरानों के हित में काम कर रही है, जिससे छोटे व्यापारी और कारोबारी खत्म हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की गलत नीतियों के कारण देश में मंदी और बेरोजगारी बढ़ रही है।
