उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं में से 73.32 प्रतिशत की सुनवाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया के तहत, वर्ष 2003...
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं में से 73.32 प्रतिशत की सुनवाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया के तहत, वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न होने या तार्किक विसंगतियों के कारण कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से अब तक 2.28 करोड़ मतदाताओं की नोटिस पर सुनवाई संपन्न हो चुकी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनवाई की प्रक्रिया को सहज और सरल बनाए रखें। जारी किए गए 3.26 करोड़ नोटिसों में से 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है। ऐसे मामलों की सुनवाई निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा की जा रही है। हाल ही में, इस प्रक्रिया को गति देने के लिए 3768 नए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AEROs) की तैनाती की गई है।
इसके अतिरिक्त, 2.26 करोड़ वोटर ऐसे हैं जिनके नाम, पिता के नाम या माता-पिता की आयु में मात्र 15 वर्ष का अंतर पाया गया है। इन तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं के सत्यापन के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर बीएलओ ऐप के माध्यम से जानकारी जुटा रहे हैं और मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। इसी कारण नोटिसों का निपटारा तेजी से हो रहा है। मतदाता सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 6 मार्च निर्धारित की गई है।
प्रयागराज में भी मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान अंतिम चरण में है। 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने की उम्मीद है, जिसमें लगभग 38 लाख मतदाताओं के नाम शामिल होने की संभावना है। होली के अवकाश के कारण बीएलओ को आवेदन जमा करने में कुछ कठिनाई हो सकती है, हालांकि लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चार दिन के अवकाश के बाद सुनवाई प्रक्रिया फिर से शुरू होगी।
छह जनवरी को आलेख्य प्रकाशित होने के बाद जिले में 35 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची में थे। वर्तमान में, प्रयागराज में 2,90,772 लोगों ने फॉर्म छह भरकर जमा किया है, जिसमें से 392 फॉर्म अस्वीकृत किए गए हैं। नाम, पते या अन्य प्रकार के संशोधनों के लिए फॉर्म आठ भरने वालों की संख्या आलेख्य प्रकाशन तक 17,668 थी। आलेख्य प्रकाशन से लेकर अब तक, कुल 74,930 लोगों ने फॉर्म छह और आठ मिलाकर संशोधन के लिए आवेदन किया है। अवकाश के चार दिनों के बाद, 27 मार्च तक सुनवाई का अवसर उपलब्ध रहेगा। इस प्रक्रिया का सीधा असर प्रदेश के लाखों मतदाताओं की पहचान और सूची में उनके नाम की सटीकता पर पड़ेगा।