शराब घोटाला केस: कोर्ट से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को मिली बड़ी राहत, CBI केस में बरी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों नेताओं को मामले में बरी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ बिना पर्याप्त सबूतों के आरोप साबित नहीं होते हैं। इस फैसले से आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ी राजनीतिक संजीवनी मिली है।
कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने भावुक होकर कहा कि सत्य की जीत हुई है और भारतीय न्याय प्रणाली पर उनका भरोसा कायम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर ‘आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र’ रचने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें और मनीष सिसोदिया को फंसाकर आम आदमी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की गई। उन्होंने सत्ता के लिए देश के संविधान से खिलवाड़ न करने की अपील की।
मनीष सिसोदिया ने भी कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए संविधान और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सच की एक और जीत है।
इस मामले में CBI ने कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सभी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया। यह फैसला AAP के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज किया गया मामला अभी भी जारी है। CBI के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील कर सकती है, जिससे आगे की कानूनी लड़ाई की संभावना बनी हुई है।
CBI के दावों के अनुसार, केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपये वसूले थे और इस पैसे का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनाव में किया गया था। हालांकि, कोर्ट के इस फैसले ने CBI के मामले को कमजोर कर दिया है, जिससे ED के मामले पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।
