यूपी के 47 हजार कर्मचारियों का वेतन रुका, संपत्ति का ब्योरा न देने पर मुख्य सचिव का आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के लगभग 47 हजार कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है, क्योंकि उन्होंने अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन कर्मचारियों को 10 मार्च तक अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होगा, जिसके बाद ही उनके जनवरी और फरवरी माह का वेतन जारी किया जाएगा।
यह निर्णय योगी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है। सरकार ने कर्मचारियों के लिए अपनी संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया था, लेकिन कई कर्मचारियों ने इस निर्देश की अनदेखी की। इस लापरवाही के चलते शासन ने वेतन रोकने का सख्त फैसला लिया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने और पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मानव संपदा पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एकीकृत मानव संसाधन प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाता है। यह पोर्टल कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी, वेतन और संपत्ति विवरण जैसे महत्वपूर्ण डेटा का डिजिटल प्रबंधन करता है। अधिकारियों ने प्रभावित कर्मचारियों से तत्काल अपना ब्योरा अपडेट करने की अपील की है ताकि उनका वेतन जल्द जारी हो सके।
हालांकि, इन 47 हजार कर्मचारियों को छोड़कर, राज्य के अन्य सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को होली के मद्देनजर 28 फरवरी को ही फरवरी माह का वेतन और पेंशन जारी कर दी जाएगी। वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी जिला अधिकारियों और कोषाधिकारियों को आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि अवकाश के दिनों में भुगतान की कोई समस्या न हो।
