शंकराचार्य प्रकरण की निष्पक्ष जांच दूसरे राज्य से हो: कांग्रेस की मांग पर `Shankaracharya case` में नया मोड़
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध दर्ज पॉक्सो प्रकरण ने राजनीतिक रंग ले लिया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। कांग्रेस का कहना है कि सनातनी हिन्दू धर्म के प्रमुख स्तंभ शंकराचार्य के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जांच उत्तर प्रदेश से बाहर की किसी एजेंसी से कराई जानी चाहिए। इस `Shankaracharya case` में निष्पक्षता सुनिश्चित करना जनमानस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कासगंज संजीव कुमार को ज्ञापन सौंपा। मनोज पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि जिस पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, उसकी भी जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शंकराचार्य को न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन सड़कों पर भी उतरेगा। इस मांग से प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है और धार्मिक संवैधानिक मर्यादा के संरक्षण का मुद्दा भी उठ गया है।
