उत्तर प्रदेश में चयन वेतनमान न मिलने से शिक्षकों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी | UP teachers news
उत्तर प्रदेश में दस वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ न मिलने से उनमें गहरा आक्रोश है। निर्धारित समय सीमा के छह माह बीत जाने के बावजूद कई जिलों में शिक्षकों को इस महत्वपूर्ण लाभ से वंचित रखा गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इस अनदेखी के कारण उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसका सीधा असर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने अधिकारियों की लापरवाही को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि शासन स्तर से कई आदेश जारी होने के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही है। विशेष रूप से राजधानी लखनऊ में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा लगातार आपत्तियां लगाए जाने से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षकों का आरोप है कि जानबूझकर प्रक्रिया में देरी की जा रही है, जिससे उन्हें अपने हक से वंचित रहना पड़ रहा है। इस संबंध में UP teachers news में लगातार खबरें आ रही हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो शिक्षक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
