उत्तर प्रदेश में बढ़ेंगे होमस्टे, योगी सरकार की ‘UP homestay policy’ से मिलेगा रोजगार
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की होमस्टे नीति पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा दे रही है, साथ ही आम नागरिकों के लिए आय का एक नया स्रोत भी बन रही है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए, यह योजना लोगों को अपने घरों के खाली कमरों को किराए पर देकर कमाई करने का अवसर प्रदान करती है। इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और पर्यटकों को किफायती तथा सुविधाजनक आवास मिल रहा है।
राज्य सरकार ने ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना के तहत एक लाख से अधिक कमरों की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा है। विशेष रूप से लखनऊ में इस वर्ष 800 नए होमस्टे खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, लखीमपुर खीरी में 30, सीतापुर में 50, तथा उन्नाव, रायबरेली और हरदोई में 20-20 होमस्टे के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक लोग यूपी टूरिज्म पोर्टल (up-tourismportal.in) पर पंजीकरण करा सकते हैं, जो दो से छह कमरों (अधिकतम 12 बेड) तक के लिए उपलब्ध है।
अब तक, लखनऊ में प्राप्त 53 आवेदनों में से 20 को मंजूरी देकर प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। यह योजना उन परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित है जिनके पास अतिरिक्त कमरे हैं, जिससे वे उन्हें पर्यटकों को किराए पर देकर दैनिक आय अर्जित कर सकें। 18 फरवरी 2026 तक, लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में 1700 से अधिक लोगों ने अपने घरों को किराए पर देने के लिए पंजीकृत कराया है, जिनमें से लगभग 700 होमस्टे को प्रमाण पत्र भी मिल चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि आम लोग भी अब पर्यटन से जुड़कर अपने घरों को आय का एक नया जरिया बना रहे हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को उनके घर के पास ही रोजगार उपलब्ध करा रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। इस ‘UP homestay policy’ से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश की पर्यटन क्षमता भी मजबूत हो रही है।
