100 वर्ग मीटर तक के मकानों के नक्शे अब केवल ‘Fast Pass’ पोर्टल से होंगे पास, UP property news
उत्तर प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों और आवास विकास क्षेत्रों में अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों के नक्शे केवल ‘फास्ट पास’ पोर्टल के जरिए ही स्वीकृत किए जाएंगे। प्रमुख सचिव आवास के निर्देश पर, कम जोखिम वाली इस श्रेणी के आवेदनों के लिए पुराने ‘ओबीपास’ पोर्टल को बंद कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा नागरिकों को निर्माण अनुमति प्रक्रिया में सरलता और गति प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
शुरुआत में, ‘फास्ट पास’ पोर्टल पर आवेदनों की संख्या कम थी क्योंकि आर्किटेक्ट पुराने ‘ओबीपास’ पोर्टल पर काम करने के आदी थे। लेकिन अब, ‘ओबीपास’ पोर्टल को बंद करने के बाद, ‘फास्ट पास’ पर आवेदनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे मध्यम वर्ग को काफी लाभ मिल रहा है।
‘फास्ट पास’ पोर्टल के लाभ और शुल्क
नए ‘फास्ट पास’ पोर्टल पर 100 वर्ग मीटर तक के नक्शों के लिए प्रोसेसिंग फीस मात्र एक रुपये निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, आवेदकों को कवर्ड एरिया पर 57 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से वाटर चार्जेज और 52 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मलबा शुल्क का भुगतान करना होगा। पहले प्रोसेसिंग फीस पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर थी और 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर का निरीक्षण शुल्क भी लगता था, जो अब समाप्त कर दिया गया है। यह सुविधा केवल विकास प्राधिकरणों की योजनाओं या पूर्ण रूप से नियोजित सरकारी योजनाओं के लिए है।
सेट बैक नियमों में मिली बड़ी राहत
शासन ने नए सिस्टम में सेट बैक नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब आवेदकों को केवल एक मीटर का फ्रंट सेट बैक छोड़ना अनिवार्य होगा, जबकि पीछे की जगह छोड़ने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। पहले 1.2 मीटर का फ्रंट और बैक सेट बैक छोड़ना पड़ता था। यह बदलाव छोटे भूखंडों पर अधिक निर्माण क्षेत्र प्राप्त करने में मदद करेगा और घर को अवैध नहीं माना जाएगा यदि पीछे का सेट बैक नहीं छोड़ा जाता है।
व्यावसायिक निर्माण में भी सुविधा
यदि कोई व्यक्ति 30 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण करना चाहता है, तो उसे भी ‘फास्ट पास’ पोर्टल का लाभ मिलेगा। आर्किटेक्ट के माध्यम से नक्शा बनवाकर एक रुपये में पंजीकरण कराया जा सकता है, और इसके लिए कोई जांच या प्रवर्तन टीम का दौरा नहीं होगा। एक रुपये की रसीद पर ही मकान और दुकान दोनों का नक्शा स्वतः पास माना जाएगा।
गैर-सरकारी योजनाओं के लिए नियम
100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक की गैर-सरकारी योजनाओं में नक्शे के पंजीकरण के लिए केडीए में वाटर चार्जेज जमा नहीं करना होगा। हालांकि, बाह्य विकास शुल्क 2475 रुपये प्रति वर्ग मीटर और मलबा शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। जलकल से वाटर कनेक्शन लेते समय संबंधित शुल्क वहां जमा करना होगा। यह पहल ‘UP property news’ में एक सकारात्मक बदलाव है, जिससे आम जनता को काफी सुविधा मिलेगी।
