भारतीय रेलवे: अब AC कोच की तरह चमकेंगे जनरल और स्लीपर कोच, AI से होगी निगरानी
भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच भी वातानुकूलित (AC) कोचों की तरह स्वच्छ और चमकदार दिखेंगे। यह नई नीति 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, जिसका सीधा लाभ लाखों दैनिक यात्रियों को मिलेगा जो अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।
इस नई व्यवस्था के तहत, पूरी यात्रा के दौरान हर 60 से 90 मिनट में कोचों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में, जनरल और स्लीपर कोचों की सफाई केवल स्टेशनों पर ही होती थी, जिससे यात्रा के दौरान गंदगी की समस्या बनी रहती थी। अब रेलवे बोर्ड ने एक नई नीति बनाई है, जिसके तहत एक विशेष एजेंसी के माध्यम से सफाई व्यवस्था का संचालन किया जाएगा।
प्रत्येक चार कोच पर एक सफाईकर्मी नियुक्त किया जाएगा, जो यात्रा के दौरान लगातार सफाई का ध्यान रखेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों में स्वच्छता के स्तर को बढ़ाना है। शौचालयों और कोचों की सफाई की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए वॉररूम स्थापित किए जाएंगे, जहाँ से AI आधारित तस्वीरों के जरिए सफाई की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। सफाई कर्मियों को सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प्ड ऐप पर अपलोड करनी होंगी। प्रत्येक टीम में एक सुपरवाइजर और छह सफाईकर्मी शामिल होंगे। कानपुर सेंट्रल जैसे व्यस्त स्टेशनों से गुजरने वाली कालका मेल, मुरी एक्सप्रेस, चौरीचौरा, अवध, पुरुषोत्तम और पनवेल एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच भी इस नई व्यवस्था से साफ-सुथरे रहेंगे।
