लखनऊ में मौसम का मिजाज: पश्चिमी विक्षोभ और अल नीनो का असर, Lucknow Weather में उतार-चढ़ाव जारी
लखनऊ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जहां पश्चिमी विक्षोभ और अल नीनो का दोहरा असर देखा जा रहा है। उत्तरी और मध्य पाकिस्तान से आ रहे एक स्थिर विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश समेत राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इस मौसमी बदलाव से सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस होगी, जबकि दिन में धूप खिली रहेगी। तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण हल्की सिहरन बनी हुई है, और यह स्थिति स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है। इस बार फरवरी का महीना सामान्य से अधिक गर्म रहने का अनुमान है, जो अल नीनो के प्रभाव को स्पष्ट करता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 16 और 17 फरवरी को यह विक्षोभ जब आगे बढ़ा, तो इसकी दिशा मैदानी इलाकों को प्रभावित करने वाली हो गई। बाद में सेंट्रल और उत्तरी पाकिस्तान से आगे बढ़े इस विक्षोभ ने पूरे मैदानी इलाकों पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान से मिली हल्की नमी ने भी इस मौसमी गतिविधि को और सशक्त किया। आमतौर पर, पश्चिमी विक्षोभ आने से पहले तापमान बढ़ता है और इसके गुजर जाने के बाद इसमें गिरावट दर्ज की जाती है, जिससे तापमान में यह उतार-चढ़ाव बना रहता है।
तापमान में इस निरंतर उतार-चढ़ाव से मौसमी बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि अधिकतम तापमान 11 डिग्री तक पहुंच गया। बीते 10 दिनों में अधिकतम तापमान 24.6 से 28.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है, जो सामान्य से अधिक है। बुधवार को अधिकतम तापमान 28.3 से 27.8 डिग्री और न्यूनतम 9.8 से 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे एक बार फिर मौसम में हल्की सिहरन महसूस हुई। हवा की दिशा उत्तर-पूर्वी होने से बारिश की संभावना बनी हुई है, हालांकि हवा की रफ्तार काफी कम है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो का असर साफ दिख रहा है, जिसके कारण हाल के दिनों में मौसम शुष्क रहा और विक्षोभ सशक्त नहीं हो पाए। इसी वजह से फरवरी का महीना अपेक्षाकृत गर्म रहा है और औसत तापमान से अधिक तापमान बने हुए हैं। यह स्थिति आगे के मौसमों को भी प्रभावित कर सकती है। अनुमान है कि हल्के बादल छाए रहेंगे, और हल्की से मध्यम तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना भी बनी हुई है। तापमान में एक या दो डिग्री का उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रहेगा, लेकिन फिर तेजी से पारा चढ़ेगा।
