झूठी गवाही पर दंपति पर चलेगा केस, अपहरण मामले में महिला बरी
कानपुर की एक अदालत ने अपहरण के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर जिला जज आजाद सिंह ने आरोपी महिला को बरी कर दिया, क्योंकि मामले के मुख्य गवाह, जो युवती के जीजा और उसकी बहन थे, अपने बयानों से मुकर गए।
कोर्ट ने इस मामले में झूठी गवाही देने के लिए दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। यह फैसला न्याय प्रणाली में सत्यनिष्ठा बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करता है।
मामला 2015 का है जब छपेड़ा पुलिया निवासी संदीप कुमार तिवारी ने अपनी मंदबुद्धि साली सुचित्रा शुक्ला के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने रूरा निवासी विमलेश उर्फ मिथलेश कुमारी, उनके जेठ भगवानदीन और आनंद तिवारी पर अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस जांच के बाद विमलेश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई थी।
हालांकि, सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष के गवाहों, जिनमें संदीप तिवारी और उनकी पत्नी रुचिका शामिल थे, ने अपने पूर्व बयानों का समर्थन नहीं किया। अदालत ने उन्हें पक्षद्रोही मानते हुए, साक्ष्य के अभाव में आरोपी महिला विमलेश को बरी कर दिया। इस घटना से आम जनता को यह संदेश मिलता है कि न्याय प्रक्रिया में सच्चाई का पालन करना कितना आवश्यक है।
