योगी सरकार का बड़ा एक्शन: UP के 3 SDM सस्पेंड, जानें क्या है जमीन का है जमीन का पूरा मामला
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तीन पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इन अधिकारियों पर चंदौली जिले में सार्वजनिक भूमि से जुड़े एक मामले में अनियमितता बरतने का आरोप है। कार्रवाई के तहत तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों में विराग पांडेय (वर्तमान एसडीएम गाजियाबाद), लालता प्रसाद (वर्तमान एसडीएम बुलंदशहर) और सतीश कुमार (वर्तमान एसडीएम एटा) शामिल हैं। ये तीनों अधिकारी पहले चंदौली में तहसीलदार के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 20 ऐसे बेदखली नोटिस वापस ले लिए, जो सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को जारी किए गए थे।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला
यह पूरा मामला चंदौली जिले के पं. दीन दयाल उपाध्याय नगर तहसील से जुड़ा है। जिलाधिकारी ने यहां राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 (1) के तहत निस्तारित पत्रावलियों की जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि तत्कालीन तहसीलदारों ने खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान और बंजर श्रेणी की बेशकीमती सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के पक्ष में आदेश पारित किए।
जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि अधिकारियों की इस गड़बड़ी के कारण सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव नियुक्ति एम देवराज ने तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जांच के आदेश जारी
निलंबन के बाद अब इस पूरे मामले की जांच वाराणसी के मंडलायुक्त को सौंपी गई है। जांच पूरी होने तक तीनों अधिकारी राजस्व परिषद कार्यालय लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
