लखनऊ में सुरक्षा पर बड़ा संकट, 1000 CCTV कैमरे बंद; जानें क्या हैकर्स के निशाने पर आ सकता है डेटा
लखनऊ की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा संकट आ गया है। सेफ सिटी परियोजना के तहत शहर की निगरानी करने वाले 1000 से अधिक आधुनिक सर्विलांस कैमरे बंद हो गए हैं। इन कैमरों के बंद होने से शहर की ‘तीसरी आंख’ कही जाने वाली इंटीग्रेटेड स्मार्ट कंट्रोल रूम की लाइव वीडियो फुटेज और रिकॉर्डिंग पूरी तरह से ठप हो गई है। यह स्थिति तब बनी है जब पुलिस अपराधों को सुलझाने, ट्रैफिक प्रबंधन और संदिग्धों की पहचान के लिए इन्हीं कैमरों पर निर्भर रहती है।
भुगतान विवाद बना बड़ी वजह
यह संकट लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और प्रोजेक्ट की देखरेख करने वाली कंपनी एलाइड डिजिटल सर्विसेज लिमिटेड के बीच भुगतान को लेकर पैदा हुआ है। कंपनी ने प्रमुख सचिव गृह को भेजे पत्र में बताया है कि अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 तक के परिचालन व्यय का भुगतान नहीं किया गया है। लगभग 22 महीनों से लंबित इस भुगतान के कारण कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। कंपनी ने बार-बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड पर फंड जारी न करने का आरोप लगाया है।
इंटरनेट और बिजली आपूर्ति ठप होने का खतरा
फंड की कमी के चलते रिलायंस जियो की इंटरनेट और एमपीएलएस कनेक्टिविटी सेवाएं काट दी गई हैं, जिसका सीधा परिणाम यह हुआ कि कंट्रोल रूम को मिलने वाली कैमरों की लाइव फीड और रिकॉर्डिंग पूरी तरह से बंद हो गई है। इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि बिजली विभाग ने भी कंट्रोल रूम का बिल बकाया होने के कारण बिजली काटने का नोटिस जारी किया है। यदि बिजली कटती है, तो पूरा डेटा सेंटर और सर्वर रूम क्रैश हो सकता है, जिससे न केवल मौजूदा डेटा नष्ट हो सकता है, बल्कि यह हैकर्स के लिए भी एक आसान लक्ष्य बन सकता है।
पुलिस और आम जनता के लिए बढ़ी मुश्किलें
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए इन कैमरों में वीडियो एनालिटिक्स की सुविधा थी, जो संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में सक्षम थी। कैमरों के बंद होने से अब चेन स्नैचिंग, चोरी और महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी जैसी घटनाओं की निगरानी मुश्किल हो गई है। लखनऊ पुलिस के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि अपराधों को सुलझाने में इन कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी।
