यूपी में वोटर लिस्ट विवाद, Akhilesh Yadav ने BLO वीडियो शेयर कर BJP पर लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इटावा के एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का वीडियो साझा कर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश ने दावा किया है कि सत्ताधारी दल के लोग जानबूझकर मुस्लिम और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवा रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि अब किसी से उम्मीद नहीं बची है, इसलिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी अपराधी की तरह व्यवहार कर रहे हैं। वे बीएलओ पर दबाव बनाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक समुदाय के वोट काटने की साजिश रच रहे हैं। अखिलेश ने फॉर्म 7 के दुरुपयोग को रोकने और हर वोटर के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की मांग की।
यह पूरा मामला इटावा के चौबिया क्षेत्र का है। बीएलओ अश्वनी कुमार ने आरोप लगाया कि मंगलवार शाम जब वह निर्वाचन आयोग के नोटिस बांटकर लौट रहे थे, तो कुछ लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। बीएलओ के अनुसार, उन पर मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का दबाव बनाया गया। मना करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावरों ने उनके दस्तावेज छीन लिए और मोबाइल तोड़ दिया। घायल बीएलओ ने थाने में तहरीर दी है।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दोनों पक्षों के बीच फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया को लेकर गलतफहमी थी, जिसे आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। हालांकि, अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश विरोधी ताकतें वोट काटने की साजिश में शामिल हैं। उन्होंने पीडीए प्रहरियों से एकजुट होकर भाजपा की धांधली के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने की अपील की।
