अखिलेश यादव ने केंद्रीय Budget को बताया ‘सपनों का पुलिंदा’, कहा- गरीब को कुछ नहीं मिला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह बजट निराशाजनक है और आम जनता की समझ से परे है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बजट ने किसानों, नौजवानों, व्यापारियों और महिलाओं को निराश किया है। उनके मुताबिक, आम जनता के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा पर भी चिंता व्यक्त की।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसान, मजदूर, श्रमिक, कारोबारी और छोटे दुकानदार अपने लिए मिली राहत को दूरबीन लेकर भी ढूंढ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बजट के माध्यम से अपने लोगों को सेट करती है और केवल पांच फीसदी लोगों के लिए बजट लाती है। उन्होंने कहा कि अच्छा बजट वह होता है, जिससे गरीब की तरक्की हो और उनके चेहरे पर मुस्कान आए, लेकिन इस बजट में महंगाई को रोकने या शिक्षा को बेहतर करने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
सपा मुखिया ने सवाल किया कि क्या यही विकसित भारत है, जहां बुलेट ट्रेन की लागत 1 लाख करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ हो जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सपने दिखाकर गरीब, किसान और मध्यम वर्ग का सिर्फ वोट ले लेती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा रिफॉर्म (सुधार) नहीं, बल्कि डिफॉर्म (विकृत) कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो महिलाओं को लोहे पर पीतल की पॉलिश लगाकर जेवर पहनने पड़ेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में एम्स जैसी संस्थाओं में बुनियादी सुविधाओं और तकनीकी स्टाफ की कमी का भी जिक्र किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही फिक्र। उन्होंने महंगाई बेतहाशा बढ़ने के बावजूद जनता को टैक्स में छूट न देने को ‘टैक्स-शोषण’ बताया। उन्होंने कहा कि अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गई हैं, लेकिन बेकारी और बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली खाली है।
