मिर्गी के मरीजों के लिए चेतावनी: दिमाग में कीड़े (brain worms) हो सकते हैं मुख्य कारण
लखनऊ के लोहिया संस्थान में इंडियन एकेडमी ऑफ ट्रॉपिकल पैरासिटोलॉजी के तत्वावधान में न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस के लेबोरेटरी डायग्नोसिस पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस, जिसे आम भाषा में दिमाग में कीड़े पड़ना कहा जाता है, मिर्गी के प्रमुख कारणों में से एक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह रोग दूषित भोजन या जल के सेवन से फैलता है। संक्रमण के कारण मस्तिष्क में सिस्ट बन जाते हैं, जो मिर्गी के दौरे का कारण बनते हैं। डॉ. पीके मौर्य ने बताया कि आधुनिक मस्तिष्क इमेजिंग तकनीकों जैसे एमआरआई से इसका समय पर निदान संभव है, जिससे उपचार में मदद मिलती है।
कार्यशाला में बताया गया कि भारत में न्यूरोनल सिस्टीसर्कोसिस के अलावा नॉन-न्यूरोनल सिस्टीसर्कोसिस भी आम है। इसमें कंकाल की मांसपेशियां सबसे ज़्यादा प्रभावित होती हैं। डॉ. केएन प्रसाद ने बताया कि कुछ सुअरों की आबादी में सिस्टीसर्कोसिस की दर 3.5% तक देखी गई है, जो इस संक्रमण के प्रसार को दर्शाती है। विशेषज्ञों ने इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच कराने की सलाह दी।
