यूपी में ग्रीन हाइड्रोजन हब: जापान के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश स्थापित करेगा दो उत्कृष्टता केंद्र
उत्तर प्रदेश में हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसके तहत दो ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किए जाएंगे। यह पहल उत्तर प्रदेश की ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन वैल्यू चेन में अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
यह सहयोग उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के बीच स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करेगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार, आईआईटी कानपुर और हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) मिलकर कानपुर में एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेंगे। दूसरा केंद्र गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के सहयोग से स्थापित होगा। यामानाशी प्रांत के उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा ने इस सहयोग में व्यापक संभावनाएं व्यक्त की हैं।
इस पहल से प्रदेश में हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और यह भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भारत के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है जो नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
