सवर्ण समाज का UGC के खिलाफ प्रदर्शन, काला कानून वापस लेने की मांग
उत्तर प्रदेश के विभिन्न कस्बों में सवर्ण समाज ने गुरुवार को यूजीसी (UGC) के नियमों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अकबरपुर में भार्गव परशुराम सेवा समिति की अगुवाई में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। ओवरब्रिज के पास पहुंचकर उन्होंने यूजीसी का पुतला फूंका और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। इस दौरान आरएसएस के शिवशंकर शुक्ल ने यूजीसी के विरोध में सभी अनुसांगिक संगठनों के पदों से त्याग पत्र देने का ऐलान किया।
सिकंदरा में भी सवर्ण समाज के लोगों की बैठक हुई, जहाँ उन्होंने यूजीसी संशोधन कानून को मानवता के विरुद्ध और सवर्ण समाज को अपराधी घोषित करने वाला बताया। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि भाजपा सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते सवर्ण समाज को अघोषित अपराधी बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो विरोध बढ़ेगा।
रूरा में करणी सेना भारत के पदाधिकारियों ने भी यूजीसी बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया और तत्काल कानून वापस लेने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम रूरा पुलिस को ज्ञापन सौंपा। करणी सेना के जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह गौर ने कहा कि यह समानता नहीं, बल्कि असमानता का कानून है, जिससे समाज में मतभेद और भेदभाव बढ़ेगा। उन्होंने कानून वापस लेने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
