बाल उत्सव से परिषदीय बच्चों में आत्मविश्वास की उड़ान, शिक्षा को मिले नए पंख
परिषदीय स्कूलों में ‘बाल उत्सव’ का आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा दे रहा है। यह पहल शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित न रखकर, बच्चों के आत्मसम्मान, जीवन कौशल और व्यक्तित्व निर्माण पर केंद्रित है। इस उत्सव के माध्यम से बच्चों को अपनी बात निर्भीकता से रखने का आत्मविश्वास मिलेगा, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बाल उत्सव में टीमवर्क, समस्या समाधान और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ी गतिविधियां बच्चों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेंगी। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ‘प्रगति-स्वाभिमान और सफलता की ओर-2.0’ बाल उत्सव शिक्षा को किताबों से आगे ले जाकर बच्चों के आत्मसम्मान और व्यक्तित्व निर्माण से जोड़ रहा है। यह आत्मविश्वासी नागरिक गढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि यह बाल उत्सव बच्चों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। केजीबीवी की छात्राओं की सक्रिय भागीदारी इस उत्सव की विशेष पहचान होगी, जो बालिका शिक्षा और समान अवसर के महत्व को रेखांकित करेगी।
