वृंदावन के 8 यमुना घाटों का होगा कायाकल्प, 177 करोड़ की लागत से बनेगा 600 मीटर लंबा रिवर फ्रंट
वृंदावन के यमुना घाटों के कायाकल्प की 177.81 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना 10 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फिर से शुरू हो गई है। सिंचाई विभाग और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने हाल ही में निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस परियोजना के तहत केशीघाट से लेकर बांकेबिहारी मंदिर की ओर लगभग 600 मीटर की लंबाई में आठ प्रमुख यमुना घाटों का विस्तार, नवीनीकरण और सुंदरीकरण किया जाएगा।
यह परियोजना मूल रूप से 2014 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य यमुना घाटों के आगे मिट्टी के कटाव को रोकना और पानी के संरक्षण के लिए सीमेंटेड दीवारें बनाना था। हालांकि, नालों के प्रदूषित जल को यमुना में मिलने से रोकने के लिए उचित प्रबंध न होने के कारण 2016 में इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, जिससे परियोजना पर रोक लग गई। बाद में जलनिगम द्वारा नालों की टैपिंग का कार्य पूरा किया गया और अगस्त 2024 में हाई कोर्ट ने निर्माण पर लगी रोक हटा दी। राष्ट्रीय गंगा मिशन से एनओसी मिलने के बाद अब कार्य को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस कायाकल्प परियोजना में चयनित घाटों पर प्रकाश व्यवस्था, पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। केशीघाट परियोजना का मुख्य केंद्र बिंदु होगा, जहां एक बड़े घाट पर धार्मिक अनुष्ठान और स्नान की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त, रिवर फ्रंट के पास पार्किंग की सुविधा के लिए भी स्थान तलाशे जाएंगे। इससे वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
