उत्तर प्रदेश के स्कूलों में मानव तस्करी रोकने के लिए गठित होंगी सुरक्षा टीमें | up crime news
उत्तर प्रदेश में बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उनके संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अलीगढ़ जिले के माध्यमिक विद्यालयों में मानव तस्करी, बाल श्रम और यौन शोषण के खिलाफ सुरक्षा कवच तैयार किया जा रहा है [up crime news]। इसके तहत राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूलों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग क्लब (एएचटीसी) का गठन किया जा रहा है, जो बच्चों को हरसंभव सुरक्षा और जागरूकता प्रदान करेंगे।
यह पूरी पहल सर्वोच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के तहत अमल में लाई जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे तय समय सीमा के भीतर इन क्लबों का गठन कर पूरी रिपोर्ट, फोटोग्राफ और अन्य विवरण अनिवार्य रूप से जमा करें। इन सुरक्षा टीमों के सक्रिय होने से न केवल स्कूलों के भीतर बल्कि आसपास के इलाकों में भी आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसेगी।
क्लब की संरचना और कार्यप्रणाली
प्रत्येक विद्यालय में बनने वाले इस क्लब की कमान प्रधानाचार्य के हाथों में होगी। इसमें एक वरिष्ठ शिक्षक के अलावा कक्षा नौ से लेकर 12 तक के एक छात्र और एक छात्रा को शामिल किया जाएगा। ये स्कूली बच्चे अपने साथियों को मानव तस्करी के खतरों, झूठे प्रलोभनों और इंटरनेट के जरिए फैले जालसाजी के तंत्र से बचने के तौर-तरीके सिखाएंगे। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर संबंधित जांच एजेंसियों तक पहुँचाने में भी ये क्लब महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और मॉल जैसे सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी। स्कूलों की ओर से तैयार की जाने वाली इन समितियों का समन्वय सीधे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने और विषय विशेषज्ञों के साथ रहेगा। इस पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए सभी विद्यालयों का डेटा राज्य स्तरीय पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
