बेटे-बहू के झगड़े से परेशान दंपती को वृद्धाश्रम से घर ले गए, Agra family dispute resolved
आगरा में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ बेटे-बहू के निरंतर झगड़ों और घरेलू कलह से तंग आकर एक बुजुर्ग दंपती ने अपना घर छोड़ दिया और वृद्धाश्रम में शरण ली। यह घटना समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
वृद्धाश्रम प्रबंधन ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों पक्षों को बुलाया। उन्होंने धैर्य और मानवीय दृष्टिकोण से बुजुर्ग दंपती की व्यथा सुनी और फिर बेटे-बहू को पारिवारिक मूल्यों और बुजुर्गों के सम्मान का महत्व समझाया। काउंसलिंग के सकारात्मक परिणाम स्वरूप, बेटे-बहू को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगकर उन्हें सम्मानपूर्वक घर वापस ले गए।
वृद्धाश्रम प्रबंधन ने इस बात पर जोर दिया कि उनका उद्देश्य केवल बेसहारा बुजुर्गों को आश्रय देना ही नहीं, बल्कि जहाँ संभव हो, टूटते परिवारों को जोड़ना और बुजुर्ग माता-पिता को उनका उचित सम्मान दिलाना भी है। यह सफल प्रयास दर्शाता है कि संवाद और समझाइश से पारिवारिक रिश्तों में आई दरार को भरा जा सकता है।
