लखनऊ के फैजुल्लागंज में 15 साल से नरक जैसी जिंदगी, गंदगी और जलभराव से परेशान लोग (Lucknow news)
लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र की कृष्णलोकनगर कॉलोनी के निवासियों का जीवन पिछले 15 वर्षों से नारकीय बना हुआ है। कॉलोनी के कच्चे रास्तों पर घरों का गंदा पानी जमा रहता है, जिससे भयंकर दुर्गंध आती है। जल निकासी की सुविधा न होने के कारण यह गंदा पानी खाली प्लॉटों में तालाब का रूप ले चुका है।
कॉलोनी में न तो पक्की सड़कें हैं और न ही जल निकासी के लिए नालियां। 15 साल पहले विकसित हुई इस कॉलोनी में करीब 200 परिवार रहते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यहां के रास्ते कीचड़ से भरे रहते हैं। बारिश के दौरान पूरी कॉलोनी टापू बन जाती है और घरों के भीतर तक पानी घुस जाता है।
गंदगी और जलभराव के कारण यहां संक्रामक बीमारियों का खतरा पूरे साल बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि डेंगू, टाइफाइड, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां आम हैं। एक निवासी ने बताया कि उन्हें दिसंबर में डेंगू हो गया था और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। मच्छरों का प्रकोप इतना ज्यादा है कि मच्छरदानी भी बेअसर साबित होती है।
स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय पार्षद, विधायक और नगर निगम के अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि सफाईकर्मी कभी नहीं आते हैं और कूड़ा भी नहीं उठाया जाता है।
कच्चे और कीचड़ भरे रास्तों पर चलना मुश्किल है। कई लोग बाइक और साइकिल से गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है, जिन्हें कीचड़ से बचने के लिए जूते-मोजे हाथ में लेकर चलना पड़ता है। बिजली के खंभे लगे हैं, लेकिन तार नहीं खींचे गए हैं, जिससे रात में अंधेरा रहता है और हादसे का डर बना रहता है।
