Lucknow news: गंदगी देख भड़के योगी के मंत्री, अफसरों का वेतन काटा; बोले- ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शहर की सफाई व्यवस्था की हकीकत शुक्रवार सुबह उस समय सामने आ गई, जब प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और महापौर सुषमा खर्कवाल तड़के 7:15 बजे औचक निरीक्षण पर निकल पड़े। सड़क पर बहता गंदा पानी, नालियों में जमा कीचड़ और जगह-जगह कचरे के ढेर देखकर मंत्री बुरी तरह नाराज हो गए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि शहर की स्थिति बेहद खराब है और इसमें तत्काल, बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत है।
वित्त मंत्री और महापौर ने जेसी बोस, लाल कुआं, विक्रमादित्य बाबू बनारसी दास और यदुनाथ सान्याल वार्ड का निरीक्षण किया। हर इलाके में हालात लगभग एक जैसे मिले। सड़कों पर गंदा पानी बह रहा था, नालियां जाम थीं और कचरे के ढेर खुले पड़े थे। कई जगह तो ट्रांसफार्मर के पास ही कूड़ा जमा मिला, जिसे देखकर मंत्री और ज्यादा खफा हो गए।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम के कई अधिकारी मौके पर इधर-उधर मुंह फेरते नजर आए। मंत्री ने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि आखिर सफाई व्यवस्था की यह हालत क्यों है, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इस पर मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जब अधिकारी फील्ड में ही नहीं निकलेंगे तो सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे ही चलेगी।
नाराज वित्त मंत्री ने जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी अफसर और सेनेटरी इंस्पेक्टर सहित जिम्मेदार अधिकारियों का दो-दो दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लाल कुआं क्षेत्र में हालात इतने खराब थे कि महापौर सुषमा खर्कवाल खुद गंदगी हटवाने में जुटी नजर आईं।
वित्त मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह जल्द ही फिर निरीक्षण पर आएंगे। अगर सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं मिला तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि 30 जनवरी के बाद इन चारों वार्डों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।
