विमानों में पावर बैंक का बढ़ता खतरा, यात्रियों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन्स जारी
विमानों में पावर बैंक को लेकर सुरक्षा जांच में सख्ती बढ़ा दी गई है। यात्रियों द्वारा मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर बैंक का इस्तेमाल आम हो गया है, लेकिन विमान यात्रा के दौरान इसके दुरुपयोग से गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। लखनऊ एयरपोर्ट पर रोजाना चेक-इन बैगेज में 12 से 13 पावर बैंक पाए जा रहे हैं, और कई यात्री इन्हें केबिन में भी रख रहे हैं।
पावर बैंक से जुड़े सुरक्षा जोखिम
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, चेक-इन बैगेज को विमान के कार्गो में रखा जाता है, जहाँ ऑक्सीजन की कमी होती है। ऐसे में पावर बैंक के फटने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, उड़ान के दौरान पावर बैंक से मोबाइल चार्ज करना भी प्रतिबंधित है।
यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी
लखनऊ एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के समय पावर बैंक को हमेशा अपनी आंखों के सामने, यानी अपने पास ही रखें। फ्लाइट में मोबाइल चार्ज करने के लिए केवल सीट पर उपलब्ध चार्जिंग पोर्ट का ही उपयोग करें। यदि किसी भी प्रकार की गर्माहट, धुआं या असामान्य गंध महसूस हो तो तुरंत केबिन क्रू को सूचित करें। यह सुरक्षा उपाय लखनऊ एयरपोर्ट सहित देश के सभी हवाई अड्डों पर लागू किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जब्त और वापसी की प्रक्रिया
सुरक्षा जांच के दौरान यदि किसी यात्री का पावर बैंक चेक-इन बैगेज में पाया जाता है और फ्लाइट की बोर्डिंग में थोड़ा समय बचा होता है, तो यात्री को बुलाकर बैग खुलवाया जाता है। उन्हें पावर बैंक को अपनी जेब या हैंड बैगेज में रखने की सलाह दी जाती है। जिन यात्रियों की फ्लाइट का समय हो चुका होता है, उनके पावर बैंक जब्त कर लिए जाते हैं। बाद में, यात्री अपनी आईडी दिखाकर जब्त किए गए पावर बैंक वापस ले जा सकते हैं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विमानों में पावर बैंक से जुड़े संभावित खतरों को कम करना और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना है।
