नई शिक्षा नीति से प्रौढ़ शिक्षा को मिली नई दिशा: राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के सतत एवं प्रौढ़ शिक्षा, विस्तार केंद्र ने भारत ज्ञान विज्ञान समिति के सहयोग से दो दिवसीय राष्ट्रीय सतत शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका समापन शनिवार को हुआ। इस कार्यशाला में तेजी से बदलते सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी परिदृश्य के अनुरूप सतत शिक्षा प्रणाली में बुनियादी बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
एएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. मो. गुलरेज ने कहा कि नई शिक्षा नीति ने सतत और प्रौढ़ शिक्षा को एक नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने विश्वविद्यालय और सामाजिक संस्थाओं से मिलकर इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि शिक्षा समाज के हर वर्ग को सशक्त बना सके।
कार्यशाला के दूसरे दिन सामुदायिक शिक्षा केंद्र, जनवाचन व पुस्तकालय, वयस्क शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा और चर्चा मंडल जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। भारत ज्ञान विज्ञान समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा मिश्रा और डॉ. काशी नाथ चटर्जी ने चयनित पंचायतों में सतत शिक्षा केंद्र स्थापित करने, असाक्षरों व स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करने और समितियां गठित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस पहल के तहत अगले तीन वर्षों में 14 राज्यों की 2500 से अधिक पंचायतों में सतत शिक्षा केंद्रों का विस्तार करने का लक्ष्य है।
