आगरा: ‘इस्लामिक मेडिकोज’ ग्रुप से मेडिकल छात्राओं को फंसाया, एसएन में मतांतरण नेटवर्क का खुलासा
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कथित तौर पर मतांतरण का एक नेटवर्क संचालित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि डॉ. परवेज अंसारी और डॉ. रमीज ने ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया, जिसके जरिए मेडिकल छात्राओं को फंसाया गया। यह ग्रुप मुस्लिम मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के साथ-साथ कुछ मौलानाओं को भी जोड़ा गया था।
जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉ. परवेज और डॉ. रमीज के संपर्क में रहे लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। बताया जा रहा है कि इस ग्रुप के सदस्य हॉस्टल के कमरों में बैठकें करते थे और तकरीरें भी आयोजित की जाती थीं।
इस मामले का असर सार्वजनिक जीवन पर भी पड़ सकता है, क्योंकि यह शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक गतिविधियों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दों को उठाता है। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा है कि जांच एजेंसियों द्वारा मांगे गए सभी विवरण उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हॉस्टल स्थित मस्जिद में कुछ बाहरी लोग भी नमाज पढ़ने आते हैं।
यह भी पता चला है कि एसएन से एमबीबीएस और एमडी/एमएस पूरी करने के बाद भी ‘इस्लामिक मेडिकोज’ ग्रुप के सदस्य अपने रूम ग्रुप से जुड़े मुस्लिम मेडिकल छात्रों और जूनियर रेजीडेंट को ही हॉस्टल के कमरे सौंपते थे, और यह सिलसिला अभी भी जारी है। सूत्रों के अनुसार, मतांतरण के लिए साथी छात्राओं से दोस्ती की जाती थी, उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी, और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर दबाव बनाया जाता था।
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