स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी से लखनऊ में उपभोक्ताओं को गलत बिल का झटका, परेशान
लखनऊ के विभिन्न इलाकों में करीब 2000 स्मार्ट मीटर की फीडिंग पोर्टल पर न होने से हजारों उपभोक्ता पिछले कई महीनों से सही बिल के लिए भटक रहे हैं। दिसंबर माह में लेसा द्वारा भेजे गए गलत बिलों ने जनता में नाराजगी पैदा कर दी है।
बिजली मीटर लगाने और उनकी फीडिंग का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा गया है। नियमानुसार, मीटर बदलने के तुरंत बाद सिस्टम में जानकारी फीड होनी चाहिए ताकि बिलिंग सही हो सके। लेकिन, पिछले तीन-चार महीनों से कंपनी और लेसा के बीच समन्वय की कमी के कारण आम उपभोक्ता परेशान हैं। 1912 पर शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं मिल रहा है।
उपभोक्ताओं की समस्याएं
वृंदावन योजना के योगेश जोशी का मीटर तीन महीने पहले बदला गया, लेकिन बिल नहीं आया। रीडिंग लेकर पहुंचने पर उन्हें आरडीएफ (रीडिंग डिफेक्टिव) का बिल भेजा गया, जबकि विभाग ने मीटर को प्रीपेड कर दिया था। इसी तरह, जीटीआई उपकेंद्र के जगदीश प्रसाद प्रजापति का मीटर 11 सितंबर को बदला गया, लेकिन चार महीने बाद भी फीडिंग नहीं हुई। गोमतीनगर विस्तार के पंकज शर्मा ने सोलर पैनल लगवाया है, लेकिन फीडिंग न होने से एक्सपोर्ट एनर्जी का हिसाब नहीं मिल पा रहा है।
अधिकारियों का आश्वासन
उपभोक्ता एसडीओ से लेकर एक्सईएन तक के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेसा के वरिष्ठ अधिकारी कार्यदायी संस्था को निर्देश देने की बात कह रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिख रहा है। मध्यांचल विद्युत निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने कहा कि मीटर बदलने के बाद तुरंत फीडिंग होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जब तक पोर्टल पर फीडिंग पूरी नहीं होगी, उपभोक्ताओं को गलत बिलों की मार झेलनी पड़ेगी।
