मनरेगा में बदलाव के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, VB-G RAM G कानून पर विरोध
कांग्रेस पार्टी आज, 10 जनवरी से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ 45 दिनों तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत कर रही है। इस आंदोलन का मुख्य केंद्र ‘वीबी-जी राम जी’ (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन – ग्रामीण) कानून है, जिसका कई राज्य सरकारें कड़ा विरोध कर रही हैं।
राज्यों का विरोध
कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब जैसे राज्यों ने इस नए कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए हैं। पश्चिम बंगाल और केरल भी इस बदलाव पर अपनी आपत्ति जता चुके हैं। इन राज्यों का तर्क है कि केंद्र सरकार का यह कदम राज्य सरकारों की स्वायत्तता पर कुठाराघात है और ग्रामीण रोजगार के अधिकार को कमजोर करता है। कर्नाटक सरकार ने इस कानून को अदालत में चुनौती देने की भी घोषणा की है।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस का आरोप है कि इस नए कानून के माध्यम से मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाया जा रहा है, जो इस योजना के मूल उद्देश्य के खिलाफ है। विपक्षी दलों का मानना है कि यह ग्रामीण रोजगार के अधिकार पर एक हमला है।
सरकार का पक्ष
वहीं, केंद्र सरकार इस कानून के फायदे गिना रही है। सरकार का कहना है कि ‘वीबी-जी राम जी’ मिशन ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करेगा। इसके तहत हर ग्रामीण परिवार को 125 दिनों की वेतन-आधारित रोजगार गारंटी मिलेगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि यह नया कानून मनरेगा की कमियों को दूर करेगा और ग्रामीणों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगा।
