लखनऊ: 20 साल बाद भी गाजीनगर की सड़क बदहाल, नगर निगम से गुहार
लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में स्थित गाजीनगर और आनंद विहार कॉलोनी पिछले दो दशकों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। करीब 550 से अधिक घरों वाली इन कॉलोनियों में सड़कों की हालत अत्यंत जर्जर है, जिस पर बजरी और गिट्टी उखड़ चुकी है। यह स्थिति न केवल वाहन चालकों के लिए, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी खतरनाक बन गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलोनियां नगर निगम को हैंडओवर हुए करीब 20 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है।
सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। नगर निगम के कर्मचारी न तो कूड़ा उठाने आते हैं और न ही नियमित रूप से झाड़ू लगाते हैं। निवासियों को निजी तौर पर सफाईकर्मी रखने पड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकांश घरों में अभी तक पानी की सप्लाई नहीं पहुंची है और स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं, जिससे रात में आवागमन असुरक्षित हो जाता है।
कॉलोनीवासियों ने कई बार क्षेत्रीय पार्षद, विधायक और नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क किया है और लिखित शिकायतें भी दी हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। खाली प्लॉटों पर कूड़े के ढेर जमा हो रहे हैं और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश के मौसम में कॉलोनियों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जो हफ्तों तक बनी रहती है।
बच्चों को स्कूल जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जलभराव के कारण स्कूल वैनें घरों तक नहीं पहुंच पातीं और कई बार बच्चों को जूते-मोजे उतारकर स्कूल जाना पड़ता है। एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इन सड़कों की हालत के कारण समय पर नहीं पहुंच पातीं। निवासियों ने अपने खर्च पर मलबा डलवाकर घरों के सामने की जमीन ऊंची की है, ताकि बारिश का पानी घरों में न घुसे, लेकिन यह एक स्थायी समाधान नहीं है। क्षतिग्रस्त नाले के ढक्कन भी लोगों के लिए दहशत का कारण बने हुए हैं।
