यूपी अभ्युदय कोचिंग: भर्ती में खेल, अधिकारियों पर एक्शन की तलवार, 48 अयोग्य नियुक्त
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत उत्तर प्रदेश में आईएएस-पीसीएस की फ्री कोचिंग के लिए 69 कोर्स कोआर्डिनेटरों की भर्ती में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। अभ्यर्थियों की पात्रता और अभिलेखों की जांच के लिए गठित तीन विभागीय कमेटियों की अनदेखी करते हुए, आउटसोर्सिंग कंपनी ने अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्त कर दिया। यह भर्ती दो वर्ष पूर्व की गई थी, जिसमें प्रत्येक जिले में 60 हजार रुपये मासिक मानदेय पर एक-एक कोआर्डिनेटर नियुक्त किया गया था। पद के लिए पीसीएस मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य था, लेकिन 48 कोआर्डिनेटर बिना इस अर्हता के ही भर्ती हुए।
यह पूरा मामला अब अधिकारियों की लापरवाही और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी ‘अवनी परिधि एनर्जी एंड कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ पर अयोग्य अभ्यर्थियों को नियुक्त करने का आरोप है। वहीं, अधिकारी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कंपनी पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। विभागीय कमेटियों, जिनमें संयुक्त निदेशक और जिला समाज कल्याण अधिकारी शामिल थे, ने अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभाई और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह आउटसोर्सिंग कंपनी के भरोसे छोड़ दिया।
इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद, विभाग ने अब इस मामले की प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। एक नई कमेटी का गठन कर जल्द ही जांच शुरू की जाएगी। इस जांच में कई जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। यह घटना सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।
कोर्स कोआर्डिनेटरों की भर्ती में हुई गड़बड़ी के अलावा, कंप्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती में भी सत्यापन संबंधी शिकायतों की जांच की जाएगी। विभाग का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
