उत्तर प्रदेश असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2025 निरस्त: CM योगी का बड़ा फैसला, STF जांच में हुआ था खुलासा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि परीक्षा के दौरान गंभीर धांधली और अनियमितताएं सामने आई थीं।
परीक्षा निरस्त करने का कारण
परीक्षा निरस्त करने का मुख्य कारण स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में उजागर हुई धांधली है। इस परीक्षा के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती होनी थी, जिसके लिए 16 और 17 अप्रैल 2025 को परीक्षा आयोजित की गई थी। एसटीएफ को जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों को लीक किया गया था और अभ्यर्थियों से अवैध वसूली की गई थी।
एसटीएफ की कार्रवाई और आयोग की अध्यक्ष का इस्तीफा
एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 20 अप्रैल को तीन अभियुक्तों – महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल – को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान, महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान ही प्रश्नपत्र निकाल लिए थे और उन्हें धन लेकर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया था। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पाण्डेय से भी इस्तीफा ले लिया गया था, क्योंकि गिरफ्तार अभियुक्त उनका गोपनीय सहायक था।
आगे की कार्रवाई और निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की भर्तियों और चयन प्रक्रियाओं को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द, पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से इस परीक्षा का पुनः आयोजन सुनिश्चित करे। सरकार नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
