आलू की फसल कोहरे-पाले से बचाएं, जानें रोग नियंत्रण के उपाय
जनवरी में कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच पाला पड़ने की आशंका के चलते आलू की फसल पर रोगों का खतरा मंडराने लगा है। इस विपरीत मौसम में आलू को झुलसा रोग से बचाने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को महत्वपूर्ण सलाह दी है। उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा डॉ. सतीश मलिक के अनुसार, तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव और कोहरे के कारण आलू में अगेती व पछेती झुलसा रोग का प्रकोप बढ़ सकता है।
आलू के रोग
अगेती झुलसा रोग में पत्तियों पर छोटे, गोल, गहरे भूरे धब्बे बनते हैं, जिनमें अंदर की ओर लक्ष्य जैसी रेखाएं दिखती हैं। संक्रमण बढ़ने पर पत्तियां झुलस कर गिर जाती हैं। पछेती झुलसा रोग में काले या भूरे अनियमित धब्बे बनते हैं, जो नम मौसम में सफेद फफूंद से ढक जाते हैं। इससे पूरा पौधा मुरझा सकता है और कंदों पर भी सड़ांध आ सकती है, जिससे भारी नुकसान होता है।
रोग नियंत्रण के उपाय
किसानों को सलाह दी गई है कि वे प्रकोप की स्थिति में कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% WP (2.5 किग्रा/हेक्टेयर) या मैन्कोजेब 64% WP (1.25 किग्रा/हेक्टेयर) या डाइमेथोमॉर्फ 12% + पायराक्लोस्ट्रोबिन 6.7% WG (1 किग्रा/हेक्टेयर) या एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2% + डाईफेनाकोनाजोल 11.4% SC (500 मिली/हेक्टेयर) या एजोक्सीस्ट्रोबिन 11% + टेबुकोनाजोल 18.3% SC (500 मिली/हेक्टेयर) में से किसी एक रसायन का 600-700 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
विशेष सहायता
किसानों की सुविधा के लिए मोबाइल नंबर 9452257111 और 9452247111 भी जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से अपनी समस्या बताने पर 48 घंटे के भीतर निदान उपलब्ध कराया जाएगा।
