लखनऊ एयरपोर्ट के पास कूड़ा, जलभराव और लेजर लाइटें बनीं विमानन सुरक्षा के लिए खतरा: Lucknow airport safety
लखनऊ एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े खतरों को लेकर प्रशासन ने चिंता जताई है। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई हवाईअड्डा पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में उड़ान संचालन से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।
हवाईअड्डे के आसपास कूड़े के ढेर और जलभराव को पक्षियों की बढ़ती मौजूदगी का कारण बताया गया, जो विमानन सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। इससे विमानों के टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, बिना अनापत्ति पत्र (एनओसी) के हो रहे अनधिकृत निर्माण और अधिक ऊंचाई वाले भवनों पर भी चिंता जताई गई।
यह तय किया गया कि हवाईअड्डे के 20 किलोमीटर की परिधि में किसी भी निर्माण के लिए एनओसी की अनिवार्यता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में हवाईअड्डे के 10 किलोमीटर के दायरे में लेजर लाइट की घटनाओं पर भी गंभीरता से चर्चा हुई, क्योंकि इससे पायलटों का ध्यान भटक सकता है और उड़ान सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
इस बैठक में जिला प्रशासन, लखनऊ विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश पुलिस, वन विभाग, नगर निगम और एयरपोर्ट अथॉरिटी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी विभागों से इन मुद्दों पर निरंतर समन्वय और प्रभावी कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
