इक्कीस Box Office Collection Day 5: धीमी हुई कमाई, Agastya Nanda की फिल्म के लिए राह मुश्किल
भारतीय सेना के वीर सपूत, सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित फिल्म ‘इक्कीस’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। 1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म में अगस्त्य नंदा और धर्मेंद्र मुख्य भूमिकाओं में हैं। देशभक्ति और भावनात्मक कहानी होने के बावजूद, फिल्म को रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ जैसी बड़ी फिल्मों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो अभी भी सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के मुताबिक, ‘इक्कीस’ ने अपने पहले रविवार, यानी चौथे दिन, घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। इसके साथ ही फिल्म का कुल वीकेंड कलेक्शन 20.15 करोड़ रुपये पहुंच गया था। हालांकि, पांचवें दिन, सोमवार को फिल्म की कमाई में भारी गिरावट दर्ज की गई और दोपहर 12 बजे तक यह केवल 0.23 करोड़ रुपये ही कमा पाई। इससे फिल्म का कुल कलेक्शन 20.28 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म की शुरुआती रफ्तार ठीक-ठाक थी, लेकिन अब यह कार्यदिवसों में काफी धीमी पड़ती दिख रही है।
इस साल की शुरुआत में रिलीज हुई ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर अभिनीत एक्शन-वॉर ड्रामा फिल्म ने अपने पांचवें दिन सभी भाषाओं में 8.75 करोड़ रुपये कमाए थे। ‘इक्कीस’ उस आंकड़े तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, लेकिन सोमवार के कलेक्शन को देखते हुए यह फिलहाल संभव नहीं लग रहा है। ‘धुरंधर’ जैसी बड़ी फिल्म की मजबूत पकड़ के कारण ‘इक्कीस’ को स्क्रीन और दर्शक दोनों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
‘इक्कीस’ फिल्म परमवीर चक्र से सम्मानित सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी पर आधारित है। अगस्त्य नंदा ने फिल्म में अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध में बसंतर की लड़ाई के दौरान मात्र 21 वर्ष की आयु में शहीद हो गए थे। धर्मेंद्र ने फिल्म में अरुण के पिता, ब्रिगेडियर एम.एल. खेत्रपाल (सेवानिवृत्त) की भूमिका निभाई है। यह फिल्म देशभक्ति, बलिदान और पारिवारिक भावनाओं को दर्शाती है। अरुण खेत्रपाल के भाई मुकेश खेत्रपाल ने फिल्म देखने के बाद अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया और उनकी आंखें नम हो गईं। यह फिल्म दर्शकों को एक राष्ट्रीय नायक के बलिदान की याद दिलाती है, लेकिन इसका बॉक्स ऑफिस संघर्ष दिखाता है कि देशभक्ति फिल्मों को भी व्यावसायिक सफलता के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है।
