बिहार में भ्रष्टाचार पर नकेल: मुजफ्फरपुर के कृषि अधिकारी रिश्वत मामले में गिरफ्तार, 22 बैंक खाते सीज होंगे; आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी | Bihar corruption news
भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की कार्रवाई में मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। निगरानी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की उम्मीद जगी है। अधिकारी के पास से भारी मात्रा में अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसमें 22 से अधिक बैंक खाते शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही सीज किया जाएगा।
निगरानी टीम ने सुधीर कुमार को ₹19,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। यह रिश्वत एक चयन मुक्त बीटीएम (ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर) को पुनर्योगदान दिलाने के लिए ₹2 लाख के सौदे की बची हुई राशि थी। गिरफ्तारी के बाद, निगरानी टीम ने उनके मुजफ्फरपुर स्थित आवास और पटना स्थित घर पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान, अधिकारियों को ₹14 लाख नकद, लगभग ₹40 लाख मूल्य के सोने के जेवरात, विभिन्न बैंकों के 22 से अधिक खातों से संबंधित दस्तावेज और जमीन में निवेश के कई कागजात मिले। एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी जांच की जाएगी। निगरानी विभाग ने इन बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आय से अधिक संपत्ति के बिंदु पर भी गहन जांच जारी है।
निगरानी अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही सुधीर कुमार के खिलाफ चार्जशीट दायर कर स्पीडी ट्रायल की कवायद की जाएगी। इस मामले की रिपोर्ट संबंधित विभाग को भी भेज दी गई है, जिसके आधार पर जिला कृषि पदाधिकारी को जल्द ही निलंबित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, जिला कृषि कार्यालय के कई अन्य कर्मी और बिचौलिए भी निगरानी के निशाने पर हैं, जिनके बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। यह कार्रवाई Bihar corruption news में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जो राज्य में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक कदम है।
