इक्कीस Box Office Collection: चौथे दिन पकड़ी रफ्तार, क्या ‘धुरंधर’ को पछाड़ पाएगी?
बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों दो फिल्मों ‘इक्कीस’ और ‘धुरंधर’ के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। शुरुआती दिनों में ‘धुरंधर’ ने भले ही बड़े पैमाने पर रिलीज और प्रचार के दम पर बेहतर शुरुआत की थी, लेकिन अब ‘इक्कीस’ धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करती जा रही है। चौथे दिन के कलेक्शन को किसी भी फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर टिके रहने की क्षमता का महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है, क्योंकि यह सप्ताह के दिनों में दर्शकों की वास्तविक रुचि को दर्शाता है।
इसी महत्वपूर्ण दिन पर, ‘इक्कीस’ ने अपनी स्थिरता साबित की है, खासकर शहरी क्षेत्रों और उन सर्किट्स में जहां इसे दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। दूसरी ओर, ‘धुरंधर’ को सप्ताह के दिनों में अधिक गिरावट का सामना करना पड़ा है, जो आमतौर पर उन फिल्मों में देखा जाता है जो शुरुआती प्रचार पर अधिक निर्भर करती हैं, भले ही उनकी शुरुआत धमाकेदार रही हो।
अपनी रिलीज के चौथे दिन, यानी पहले रविवार को, ‘इक्कीस’ ने 5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जिससे इसकी कुल कमाई 20.15 करोड़ रुपये हो गई है। अगस्त्य नंदा अभिनीत इस फिल्म ने रविवार को कुल 25.04% हिंदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की। सुबह के शो में 9.74% ऑक्यूपेंसी रही, जो दोपहर के शो में बढ़कर 28.15% और शाम के शो में 37.23% तक पहुंच गई।
दोनों फिल्मों के बीच का अंतर दिन-ब-दिन स्पष्ट होता जा रहा है। ‘इक्कीस’ एक कंटेंट-ड्रिवन फिल्म के रूप में उभर रही है, जो दर्शकों के प्यार और धीमी लेकिन स्थिर वृद्धि पर निर्भर करती है। वहीं, ‘धुरंधर’ अपनी भव्यता और बड़े पैमाने पर रिलीज के दम पर शुरुआती buzz का लाभ उठा रही है।
फिल्म व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि ‘इक्कीस’ जैसी फिल्में, जो सप्ताह के दिनों में भी अच्छा कारोबार करती हैं, उन्हें दर्शकों की मांग के अनुसार शाम के शो टाइमिंग में वृद्धि मिलती है। यह एक संकेत है कि दर्शक अब केवल बड़े बजट और स्टार पावर वाली फिल्मों के बजाय अच्छी कहानी वाली फिल्मों को भी पसंद कर रहे हैं।
यह बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या ‘इक्कीस’ बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ को पछाड़ पाएगी? इस सवाल का जवाब कई कारकों पर निर्भर करेगा: सप्ताह के दिनों में बिक्री में महत्वपूर्ण गिरावट न आना, विशेष रूप से शाम और रात के शो में उपस्थिति में वृद्धि, आगामी सप्ताहांत का प्रदर्शन जो अंतर को काफी कम कर सकता है, और यदि ‘इक्कीस’ लगातार बढ़ती रहती है और ‘धुरंधर’ में कोई तेज उछाल नहीं आता है, तो यह दौड़ उम्मीद से पहले करीब आ सकती है।
